कम जोखिम के साथ जयादा मुनाफा निवेश में कैसे पाए

आईये जानते है आप के मेहनत से कमाए हुए पैसो को काम पर कैसे लगाए ता कि आप के पैसे आप को पैसा कमा कर दे सके जिस में जोखिम भी कम हो और जो आप को इतना लाभ दे सके जो मुद्रास्फुर्ति की दर से जयादा हो जिस से आप का कमाया हुआ मेहनत का पैसा बढ़ता रहे। 

सब से पहले हम जान लेते है कि हमारे पास कौन कौन से विकलप है निवेश करने के लिए - जैसे शेयर मार्किट, बांड्स, डिबेंचर्स, गोल्ड, फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स ( जैसे फिक्स्ड डिपाजिट, सुकन्या समृद्धि योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड ) इतियाद। 

हमे निवेश करने से पहले मुद्रास्फुर्ति कि दर के बारे में भी सोचना चाहिए। 

मुद्रास्फुर्ति कि दर पिछले कुछ सालो से 5-7% के बिच है। 

आप को बताना चाहुगा कि कोई भी इन्वेस्टमेंट रिस्क फ्री नहीं है और हर इन्वेस्टमेंट में कोई न कोई रिस्क जरूर होता है किसी इन्वेस्टमेंट में कम रिस्क होता है, किसी में मद्धम और किसी में बहुत जयादा रिस्क होता है।  अगर आप रिस्क के बारे में जयादा जानना चाहते है तो आप मेरी इंग्लिश पोस्ट "Risk with Investment" पढ़ सकते है। 

अब ये समझते है कि अगर हम सब से कम रिस्क वाली इन्वेस्टमेंट यानि कि फिक्स्ड डिपाजिट में निवेश करते है तो आप को पता है फिक्स्ड डिपाजिट का इंटरेस्ट रेट 6-7% के बिच होता है।  तो इस का मतलब ये हुआ कि अगर हम 100 रुपये कि फिक्स्ड डिपाजिट करते है तो हमे 1 साल बाद मिलने चाहिए 107 रुपये 7% के इंटरेस्ट पर, आप यही सोचते होंगे।  पर आप को बताना चाहुगा कि ये गलत है आप को 1 साल के बाद 107 रूपये नहीं मिलेंगे 

जानते है क्यों ? आईये मै आप को बताता हु कैसे।   

अब मै आप को बताता हु कि 1 साल के फिक्स्ड डिपाजिट पर आप को कितने पैसे मिलेंगे। सब से पहले आप को बताना चाहुगा कि कि फिक्स्ड डिपाजिट का इंटरेस्ट टैक्सेबल होता है अगर फिक्स्ड डिपाजिट 5 साल से कम का हो तो।  इस हिसाब से फिक्स्ड डिपाजिट में कमाया हुआ इंटरेस्ट आप की सालाना इनकम में जुड़ जायेगा और आप की इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से आप का टैक्स काटा जायेगा।  

अब मान लीजिये कि आप का टी डी स कटा 10% कि दर से जो कि बनता है 0.70 रूपये और उस के बाद मुद्रास्फुर्ति (इन्फ्लेशन) आप के पैसे को खायेग। अब मान लीजिये कि मुद्रास्फुर्ति चल रही है 7%, तो मतलब कुल मिलकर आप ने 1 साल के अपने फिक्स्ड डिपाजिट निवेश से कमाए -0.7 रूपये (7 (इंटरेस्ट) - 0.7(टैक्स) - 7(मुद्रास्फुर्ति) = -0.70)

इस कैलकुलेशन के हिसाब से आप का पैसा फिक्स्ड डिपाजिट में बढ़ नहीं रहा बल्कि कम हो रहा है।  

आप के निवेश का पैसा कम हो इस से पहले आप को जागना होगा और बिना सोचे समझे निवेश नहीं करना होगा जिस से आप का भविष्ये उज्जवल हो सके। 

अब हम दूसरे विकल्पों कि बात करे तो उन निवेशों में हमे कितना लाभ होगा आइये जानते है। 
जैसे गोल्ड में लम्बे समाये के लिए निवेश करने पर आप को 8-9% लाभ मिल सकता है और फिर मुद्रास्फुर्ति और टैक्स को भी धयान में रखे। 
इस के इलावा बांड्स , डेब्ट फंड्स,सुकन्या समृद्धि योजना, पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम्स, पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम्स और दूसरी सारी फिक्स्ड इनकम सेविंग स्कीम्स इतियादी में आप को 9% से जयादा इंटरेस्ट नहीं मिलेगा।    

अब ये सब जानने के बाद हमारे पास एक हे विकलप रह जाता है जो है स्टॉक मार्किट।  

स्टॉक मार्किट में निवेश में बहुत जोखिम होता है। 

और अगर आप जोखिम को कम करना चाहते है तो आप को बिना सोचे समझे निवेश नहीं करना चाहिए। किसी भी स्टॉक मार्किट निवेश से पहले आप को उस का पूरा टेक्निकल और फुडामेंटल आधयान करना चाहिए तभी आप सफलता प्रपात कर सकते है स्टॉक मार्किट में।  

हम में से जयादातर लोग सोचते है कि स्टॉक मार्किट एक आसान तरीका है बहुत सारा पैसा कमाने का जो कि सही नहीं है जबकि मेरे हिसाब से स्टॉक मार्किट एक बहुत मुश्किल और जोखिम भरा तरीका है पैसा कमाने का।  आप ने भी सुना होगा कि स्टॉक मार्किट में १% से भी कम लोग सफल हो पते है। 

जयादातर लोग निवेश को समय नहीं देते जैसे कि शेयर खरीदने के बाद कुछ दिनों में हे बेच देते है अगर उन शेयर्स का भाव थोड़ा सा भी बढ़ जाता है तो और जिन शेयर्स का भाव नहीं बढ़ता मतलब जो शेयर्स का भाव गिरता रहता है उन में धीरे धीरे ओर निवेश करते रहते है जिस का परिणाम ये होता है कि ऐसे शेयर ओर गिरते रहते है ओर नुक्सान बढ़ता रहता है ओर जो अच्छे वाले शेयर वो तो पहले ही थोड़े से बढ़ने पर हम ने बेच दिए होते है।  तो अंत में हमारे पोर्टफोलियो में नुक्सान वाले शेयर्स ही बचे रह जाते है जो कभी नहीं बढ़ते चाहे हम जीवन भर इंतज़ार करते रहे।

इस के लिए क्या स्ट्रेटेजी होनी चाहिए जिस से हमारा पोर्टफोलियो हमेशा लाभ में ही रहे वो मै आप को बताता हु।  

सब से पहले हमे अपने फाइनेंसियल एडवाइजर कि सलाह ले कर ओर पूरा देख ओर समझ कर अच्छे शेयर्स का चुनाव करना चाहिए अपने पोर्टफोलियो के लिए। इस के लिए आप टेक्निकल ओर फंडामेंटल का भी अच्छे से अध्यन करे।   

उस के बाद सही शेयर को सही समय पर खरीदना भी जरुरी है मतलब ये कि अगर आप का शेयर कितना भी आछा हो पर अगर आप ने उस को अच्छे भाव पर नहीं ख़रीदा तो ये एक आछा निवेश नहीं माना जायेगा।  अच्छे शेयर का अच्छे भाव पर आने का आप को इतनेज़ार करना चाहिए। 

अब आप का पोर्टफोलियो त्यार होने के बाद अच्छे शेयर जो आचा लाभ दे रहे हो उन्हें कभी मत बेचे जब कि गलत शेयर्स जो नुक्सान दे रहे हो उन्हें जयादा नुक्सान बढ़ने से पहले बेच दे।  

पैसा कमाने का कोई भी तरीका आसान नहीं है जैसे आप एक अच्छी नौकरी पाने के लिए अपने जीवन एक तिहाई हिंसा पढ़ाई में लगा देते है, जैसे आप एक कार खरीदने से पहले बहुत अध्ययन करते है कि कौन से कार आप के लिए सब से अच्छी होगी क्यों कि आप यहाँ सोच रहे होते है कि आप का कार खरीदने में बहुत सारा पैसा लग रहा है तो कही आप को कोई नुक्सान न हो जाये।  

वैसे ही आप को एक आछा निवेश करने से पहले पूरा अध्ययन करना होगा ओर अपने निवेश को समय देना होगा ता कि आप कामयाब हो सके।  

आप जब कोई बिज़नेस करते जैसे कोई दूकान या फैक्ट्री इतियादी तो उस में निवेश करने के कुछ दिन बाद उस को बेच नहीं देते बल्कि उस से आप को लाभ हो उस के लिए कुछ साल इंतजार करते है। 

उसी प्रकार अपने स्टॉक मार्किट में किये हुए निवेश को अपने बिज़नेस का हिसा ही समझे जो आप ने बहुत सारी कम्पनीज में थोड़ा थोड़ा ख़रीदा है ओर उस में लाभ कमाने के लिए उस को समय दे। 

स्टॉक मार्किट इन्वेस्टमेंट में आप जितना समय देंगे, जितना धैर्य रखेंगे, आप उतने जयादा ही स्टॉक मार्किट से लाभ कमा पाएंगे।  

आप को मेरी यह पोस्ट कैसे लगी मुझे कमेंट बॉक्स में जरूर बताये ओर इसे शेयर करना न भोले 

धनयाद
निवेश शक्ति परिवार

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