शेयर मार्किट में निवेश कैसे शुरू करे।

 दुनिया में बहुत सारे बड़े निवेशक है जिन्होंने स्टॉक मार्केट्स इंडिकस जैसे निफ़्टी , सेंसेक्स, डोजोनेस, नैस्डेक आदि से जयादा रिटर्न बनाये है। इन सब लोगो ने इतने जयादा रिटर्न अपने बहुत सालो के अनुभव के कारन बनाये है। 

आप ने भी स्टोर्क मार्किट से बहुत काम रिटर्न या पैसे गवाए हो सकते है। 

जब मैंने भी स्टॉक मार्किट में इन्वेस्टमेंट स्टार्ट किया था तब मैंने बिना कुछ सीखे इंट्राडे ट्रेडिंग शुरू की थी जिस में मुझे शुरू के कुछ दिन तो बहुत मुनाफा हुआ, फिर उस के बाद जब मैंने अपनी इन्वेस्टमेंट का अमाउंट बहुत जयादा बड़ा दिया धीरे धीरे , तब मुझे नुक्सान होने लगा।  नुक्सान होने के बाद मैंने अपने नुक्सान की भरपाई करने के लिए ओर जयादा इंट्राडे ट्रेडिंग की - जिस के कारन मेरा नुक्सान ओर बढ़ गया।  

फिर मैंने कुछ टाइम के लिए ट्रेडिंग छोड़ दी ओर अच्छे से सब सिख कर ही वापिस स्टॉक मार्किट में इन्वेस्टमेंट स्टार्ट की। 

स्टॉक मार्किट में मुझे नुक्सान होने के बाद मैंने ये सीखा कि शेयर्स में इन्वेस्टमेंट के लिए कभी भी किसी एक्सपर्ट कि सलाह , टेलीविज़न पर दिए गए टिप्स आदि को न सुने ओर न हे उन पर अमल करे।  पहले खुद से सब कुछ सिखने के बाद ही शेयर मार्किट में इन्वेस्टमेंट स्टार्ट करे। 

ये सब न्यूज़ चैनल्स ओर फाइनेंसियल एक्सपर्ट्स का काम ही है कि वो कम्पनीज को प्रोमोट करे अपने टीवी चैनल के द्वारा या वेबसाइट पर या किसी ओर माद्यम पर , ता कि इन लोगो कि दूकान चलती रहे। 

ये सब एक्सपर्ट्स अपने टीवी चैनल्स ओर अपने माध्यम के द्वारा आपको हमेशा यही बतायेगे कि स्टॉक मार्किट इन्वेस्टमेंट बहुत मुश्किल है ओर इस में पैसा बनाने से जयादा पैसा बचाना आना चाहिए। इस में जोखिम (risk ) बहुत जयादा है ओर इस में केवल 1 % से भी काम लोग कामयाब हो पाते है।  

अगर आप को भी पता चल जाये कि अच्छे शेयर्स कैसे चुने जाते है, कोई भी शेयर किस कीमत पर खरीदना चाहिए ओर कब खरीदना चाहिए ओर कब बेचना चाहिए तो आप भी एक कामयाब निवेशक बन सकते है। 

पर अगर मई आप को बहुत आसान ओर सरल तरीका बता दू अच्छा शेयर चुनने का , तो कैसा रहेगा। 

अगर आप सब सिख कर करे तो आप भी स्टॉक मार्किट से पैसे कमा सकते है अपने खुद ने एनालिसिस करने के बाद। 

इस लेख में मै आप को बताऊंगा कि अच्छे शेयर्स का चुनाव कैसे करते है। 


आईये जानते है। 


1  अच्छे शेयर्स का चुनाव करना - फंडामेंटल ओर टेक्निकल एनालिसिस के बाद। 

2  सिर्फ उन्ही कम्पनीज का चुनाव करे जिन्हे आप जानते ओर समझते है। 

3  उन्ही कम्पनियो को ही चुने जिनकी कमाए अच्छी है, फिक्स है ओर जिन का कोई कॉम्पिटिशन नहीं है।  मतलब जो मार्किट लीडर्स है। 

4  ऐसी कंपनियों को ही चुने जिन पर कोई क़र्ज़ न हो या अगर क़र्ज़ हो तो बहुत कम हो। 

5 सही शेयर का चुनाव करने के लिए ROE (return on equity ) ओर ROCE (Return on capital employed ) को जरूर देखे। 

6 कंपनी में सक्षम प्रबंधन हो , ईमानदारी हो ओर पारदर्शिता हो। 

7 शेयर को उस की सही कीमत पर ही ख़रीदे।  


आप बहुत कम निवेश कर के भी स्टॉक मार्किट इन्वेस्टमेंट सिख सकते है। 

सब से पहले आप को demat account खुलवा लेना होगा अगर आप के पास demat account नहीं है तो। आप किसी भी अच्छे ब्रोकर से demat अकाउंट खुलवा सकते है।  अगर आप मुझे से पूछे तो मुझे zerodha सब से अच्छा लगता है। 


आप पहले सीखे ओर शुरुवात में दस हज़ार रूपए निवेश करे। अगर आप पहले साल में पांच हज़ार रूपए कमा लेते है तो उस के अगले साल आप निवेश को थोड़ा बड़ा सकते है ओर वही रणनीति लगा कर फिर से पैसा कमा सकते है। 

"शेयर मार्किट में शुरू के दिनों में कमाने से जयादा ज़रूरी सीखना है "

आप सिर्फ मेरे इस निवेश के तरीके को समझे ओर बिना किसी स्टॉक मार्किट नॉलेज के पैसा कमाए। 

भरोसा करे, आप निवेश की थोड़ी सी स्मार्टनेस ओर बेसिक ज्ञान के बल पर अच्छे शेयर का चुनाव कर सकते है। 

निवेश के प्रकार - पहला ट्रेडिंग ओर दूसरा वैल्यू इन्वेस्टिंग 

अच्छा शेयर चुनने की पूरी प्रक्रिया क्या है बताने से पहले , आईये मै आप को पहले निवेश के ये दो प्रकार के बारे में बता देता हु। इन्हे दो प्रकार के निवेश की बदौलत दुनिया के बड़े निवेशक पैसा कमाते है। 

1  ट्रेडिंग (Trading )

2  वैल्यू इन्वेस्टिंग (Value investing )

अगर आप समझते है की ट्रेडिंग ओर वैल्यू इन्वेस्टिंग दोनों एक तरह ही काम करते है तो आप गलत है। 

ट्रेडिंग बहुत कम टाइम में जल्दी ओर बारबार लाभ कमाने के लिए की जाती है ओर ये गिरते हुए बाजार ओर चढ़ते हुए बाजार दोनों में काम करती है। 

जब शेयर बाजार ऊपर चढ़ता है तो ट्रेडिंग में हम कम दाम में खरीद कर जयादा दाम में बेच देते है बहुत ही काम समय में। 

ओर जब शेयर बाजार निचे गिरता है तब ट्रेडिंग में हम जयादा दाम में बेच कर ओर बाद में कम दाम में खरीद लेते है वो भी बहुत कम समय में। 

तो इस प्रकार ट्रेडिंग में हम बहुत कम समय के लिए निवेश कर के मुनाफा कमा लेते है ओर वो समय कुछ मिनट्स , एक दिन या कुछ दिन का हो सकता है। इस में हम गिरते हुए बाजार में भी लाभ कमा सकते है जैसा की हम ने अभी बताया ओर इस गिरते हुए बाजार में ट्रेडिंग से मुनाफा कमाने को short करना कहते है। 

निवेशक ट्रेडिंग का अभ्यास करने के लिए बहुत सारे tools का इस्तेमाल करते है जिसे टेक्निकल एनालिसिस कहते है ओर ये tools है जैसे moving  average , MACD , RSI , price movement indicator , volume आदि।  ये सारे tools का इस्तेमाल कर के वो इस बात का पूर्वानुमान लगते है की शेयर किस दिशा में जायेगा। 

आप ये सारे इंडीकेटर्स अपने demat अकाउंट के interface में देख सकते है। 

शेयर मार्किट में बहुत उतार चढ़ाव होने के कारन यह बहुत खतरनाक होता है ओर जिस में बहुत बड़े नुक्सान की भी सम्भावनाये बनी रहती है। 

अगर आप के पास सही ट्रेडिंग की strategy  नहीं है ओर आप बहुत तेज़ भी नहीं हो तो आप को बहुत बड़ा नुक्सान हो सकता है ओर हो सकता है की आप का सारा पैसा भी डूभ जाये। 

शेयर मार्किट ऐसे उद्धरणों से भरी पड़ी है जिस में बहुत सारे लोगो ने अपना सारा पैसा गवाया है। 

जैसा की मैंने पहले भी बताया की मैंने दस साल पहले ट्रेडिंग में निवेश किया था ओर जिस में मुझे 50000 का नुक्सान हुआ था।  तब मुझे अच्छी तरह पता चल गया था कि Trading मेरे लिए नहीं है। 

उस के बाद मैंने अपना सारा ध्यान अच्छे शेयर्स की रिसर्च करने ओर लम्बे समय तक उन शेयर्स में निवेशित रहने में किया ओर जिस में मुझे सफलता भी मिली। 

आईये अब मै आप को Value investing की कला के बारे में बताता हु। 

वारेन बुफेट कहते है कि " अगर आप किसी शेयर को 10 साल के लिए नहीं खरीदते हो तो आप उसे 10 min के लिए भी मत खरीदो" 

वारेन बुफेट के अनुसार आप ऐसी कंपनियों का चुनाव करे जिन में आप हमेशा के लिए निवेशित रह सके। 

लम्बे समय तक किसी शेयर में निवेशित रहने का सब से बड़ा फ़ायदा ये होता है कि आप को समय - समय पर डिविडेंड मिलता है , आप का स्टॉक split भी होता है जिस से आप के शेयर्स बढ़ जाते है , ओर सबसे बड़ा फ़ायदा ये कि आप का स्टॉक नाटकीय ढंग से ऊपर बढ़ता जाता है ओर जिस कि वजह उस के बिज़नेस का साल दर साल तारीकी कि सीढिया चढ़ना होता है। 

ऐसे शेयर्स आगे चल कर अपने कई गुना जयादा रिटर्न्स देने के कारन multibagger बनते है और value investing निवेशकों को पैसा बना कर देते है। 

Value investing का एक और फ़ायदा ये है कि शेयर बाजार के इतने उतार चढ़ाव में और कंपनी के बिज़नेस के उतार चढ़ाव में हमे विश्वास होता है कि एक दिन कंपनी का कारोबार बहुत अच्छा हो जायेगा और लम्बे समय में ये शेयर हमे अच्छा मुनाफा बना कर देगा। 

देखिये ऊपर दी गए फोटो में निवेश कि शक्ति या आप इसे power of  compounding भी कह सकते है जो कि Value investing से बनायीं गयी है। जब आप शेयर्स को लम्बे समय तक होल्ड कर के रखते है मतलब उन को बेचते नहीं है तब आप को ये शेयर्स बड़ा पैसा बना कर दे सकते है जो कि एक बड़ी सम्पति में बदल सकता है। 

निवेशक Value investing करने के लिए fundamental analysis करते है, जिस से वे अच्छी कम्पनीज का पता लगते है जिन का मजबूत कारोबार हो , साल दर साल बढ़ती कमाई हो , अच्छा और ईमानदार प्रबंधन हो। fundamental analysis में आप को शेयर्स में होने वाले रोज के उतार चढ़ाव को नज़रअंदाज़ करना चाहिए जब कि आप को उस कंपनी के कारोबार के बारे में पूरी जानकारी लेनी चाहिए कि ये कंपनी किस सेक्टर कि है , इस कि वित्तीय स्थिति कैसे है , मैनेजमेंट कि क्वालिटी , कंपनी पर कोई उधर या कर्ज तो नहीं है आदि और बहुत सरे फंडामेंटल पैरामीटर्स देखने चाहिए। 

"सही में भाग्य तभी बनता है जब आप सही शेयर्स में लम्बे समय तक निवेशित तब तक रहते है जब तक आप बड़ी सम्पति न अर्जित कर ले"


आयकर फ़ायदा 

ट्रेडिंग में आप को 15 % short term capital gain टैक्स देना होता है जो कि आप ने शेयर्स में मुनाफा कमाया है उस पर।  ये टैक्स आप को एक साल से कम किसी शेयर में निवेशित रहने पर देना होता है। 

जबकि Value investing का सब से बड़ा आयकर फ़ायदा ये है कि आप को इस में सिर्फ 10 % लॉन्ग term capital gain tax देना होता है। ये टैक्स आप को एक साल से जयादा किसी शेयर में निवेशित रहने पर देना होता है फिर चाहे आप का मुनाफा 100 रूपए हो या 100 करोड़ , आप को 10 % हे देना होता है। है न ये बड़ा फ़ायदा।  

आईये अब मै आप को Value Investing कि strategy के बारे में विस्तार से बताता हु। 

" शेयर्स में पैसा बनाने के लिए आप के पास दूरदृस्टि होनी चाहिए शेयर की भविष्य में दिशा पहचानने की , उसे खरीदने का सहस होना चाहिए  और धर्ये होना चाहिए उस में निवेशित रहने का"

आप जानते है की BSE और NSE में हज़ारो कम्पनिया लिस्टेड है और अगर आप किसी अच्छी स्ट्रेटेजी का उपयोग अच्छी कंपनी का चुनाव करने के लिए नहीं करेंगे तो आप इतनी सारी कंपनियों के अथा समुंदर के गुम हो जायेगे। 

जो निवेश करने की strategy मै आप को बताने जा रहा हु वो मै खुद इस्तेमाल करता हु स्टॉक मार्किट में इन्वेस्टमेंट के लिए। 

Value Investing एक अथा समुंदर की तरह है जिस में निवेशकों को बहुत लम्बी और थकने वाली प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है अच्छे शेयर्स का चुनाव करने के लिए, जैसे की financial statements को पड़ना , annual reports , balance sheets और बहुत सारी जरुरी वित्तीय जानकारिया जुटानी पड़ती है किसी कंपनी के शेयर में निवेश करने से पहले। 

पर जो मैंने अपने पिछले कई वर्षो के अभयास से सीखा है उस की बदौलत मै आप को बहुत आसान स्ट्रेटेजी बताऊंगा जिस से आप अपनी स्टॉक मार्किट की यात्रा को शुरू कर पाएंगे और जिस के लिए आप को जयादा वित्तीय जानकारी की अवशकता भी नहीं होगी। 


1  अच्छे शेयर्स का चुनाव करना - फंडामेंटल ओर टेक्निकल एनालिसिस के बाद। 

शेयर मार्किट में हज़ारो शेयर्स है जो कि BSE और NSE में लिस्टेड है और जिन का एक-एक कर के सारी वित्तीय जानकारियों का अध्ययन  करना नामुमकिन है। 

इसलिए आप शुरुवात में एक आसान क्राइटेरिया का इस्तेमाल कर के अच्छे स्टॉक्स फ़िल्टर कर सकते है जिन के fundamental बहुत अच्छे हो। 


criteria for filtering good stocks 

- Market capitalization > 1000 Crore

- Sales growth > 10%

- Profit growth > 10%

- Earnings Per Share(EPS) having increasing growth rate for the past 5 years

- Debt to Equity Ratio < 1

- Return on Equity(RoE) > 10%

- Price to Book value(P/B) <= 2 or low compared to peer companies within the same sector

- Price to Earnings(P/E) < 18 or low compared to peer companies within the same sector

- Current Ratio > 1


आप को इस क्राइटेरिया पर जो शेयर्स खरे उतरते हो उन का चुनाव करने के लिए मेहनत करने कि जरुरत नहीं है क्योंकि ऑनलाइन बहुत सारी टूल्स उपलब्ध है जिनकी मदत से आप ऐसे शेयर्स निकल सकते है जैसे कि moneycontrol , EquityMaster , स्क्रीनर आदि 

उदारण के लिए मैंने EquityMaster टूल पर ऊपर दी गयी query लगायी है अच्छे शेयर्स का चुनाव करने के लिए।  आप निचे दी गयी फोटो में देख सकते है। 

आप इस के अलावा दूसरी financial ratios को भी query में शामिल कर सकते है ये आप पर निर्भर करता है। 


Financial ratios पर जयादा जानकारी के लिए आप हमारी आने वाली पोस्ट भी पढ़ सकते है जिस में हम विस्तार से सारी Financial ratios के बारे में जानकारी देने वाले है। 


2.  सिर्फ उन्ही कम्पनीज का चुनाव करे जिन्हे आप जानते ओर समझते है।


अब आप को स्टेप-1 की मदत से हज़ारो शेयर्स में से अच्छे शेयर्स मिल गए है जिन के फंडामेंटल्स भी अच्छे है। अब आप को इन चुने हुए शेयर्स की ओर भी छान-बीन कर लेनी चाहिए निवेश करने से पहले जैसे इन की एनुअल रिपोर्ट्स की स्टडी , बैलेंस शीट , कॅश फ्लो आदि। 

आप कंपनी की वेबसाइट पर जा कर उस के बारे में ओर भी पता कर सकते है। खबरों की वेब्सीटेस पर जा कर इस कंपनी की न्यूज़ पढ़ सकते है , google पर भी पता कर सकते है कंपनी के बारे में ओर इस के जैसी ओर भी कंपनियों की परफॉरमेंस कपड़े कर सकते है। 

इस प्रकार इन कंपनियों के बारे में जयादा जानने पर आप को इन के कारोबार के बारे में इन तीन बातो का पता चलेगा। 

1  क्या इस कंपनी का कारोबार सरल है।

2  क्या जो कंपनी उत्पाद बनती है या जो सर्विस देती है उस को मै जनता ओर समझता हु। 

3  क्या मै समझता हु की ये कंपनी कैसे कारोबार करती है ओर कैसे पैसा कमाती है। 

यह बहुत जरुरी है कि आप जिस कंपनी में निवेश करे उस के कारोबार को आप समझते ओर जानते हो। शुरुआत में ये जानना बहुत जरुरी है क्यों कि आप ने अभी-अभी ही शेयर मार्किट में निवेश कि शुरुआत कि है। 

उदारण के लिए अब जो हम ने स्टेप-1 में जो शेयर्स चुने थे उस में से मै IT सेक्टर के शेयर जैसी कि TCS को चुन लेता हु अपने आगे के विश्लेषण करने के लिए। 


क्यों कि मुझे IT सेक्टर में अच्छा अनुभव है ओर IT सेक्टर को जानने के लिए मै बहुत उत्साही भी रहता हु ओर जिस कि वजह से मुझे इस कारोबार को समझने में आसानी भी होती है।  जिस का कारन IT कंपनियों का विकास करना भी है ओर मै इस के बारे में प्रेडिक्ट भी कर सकता हु कि इन कंपनियों का भविष्य में कारोबार भी अच्छा रहेगा। 

इसी तरह मेरा कजिन फार्मा सेक्टर में काम करता है तो इस लिए उसे फार्मा सेक्टर कि कंपनियों कि जयादा जानकारी है ओर इस लिए वो फार्मा सेक्टर कि कंपनियों में निवेश करना चाहेगा। 

ओर ऐसे बहुत सरे बिज़नेस भी है जिन के बारे में जिन कि पुरानी पृष्भूमि जयादा जानने कि आवशकता नहीं है जैसी कि footware , FMCG ओर automobiles बिज़नेस आदि।

उदारण के लिए अगर आप की चुनी हुए लिस्ट में कोई दो पहिया वहां निर्माता कंपनी है तो आप को उस के बारे जयादा जानने की आवशकता नहीं है।  क्यों की आप जानते है की दो पहिया वाहन कंपनियों ने इंडिया में हमेशा विकास किया है उन को बढ़ती मांग ओर सडको की वजह से।  

ऐसे ही जब रियल एस्टेट कारोबार इंडिया में बहुत तरकी कर रहा था तब टाइल्स निर्माण करने वाली कम्पनिया जैसी kajaria , sanitary कम्पनिया जैसी Cera , ओर भी कंस्ट्रक्शन में काम आने वाला सामान बनाने वाली कंपनियों ने तारीकी की।  

ओर अंत में अगर आप किसी भी कंपनी के कारोबार को नहीं समझते है तो इन को समझने के लिए थोड़ी पढ़ाई करे। 


3  उन्ही कम्पनियो को ही चुने जिनकी कमाए अच्छी है, फिक्स है ओर जिन का कोई कॉम्पिटिशन नहीं है।  मतलब जो मार्किट लीडर्स है। 


अब आप ने अच्छी कम्पनियो का चुनाव कर लिया जो कि आप ने बहुत सारी फाइनेंसियल ratios के आधार पर किया और जिन कंपनियों के कारोबार को आप समझते भी है पर मै ये कहना चाहुगा की यह पर्याप्त नहीं है।  

इस के साथ इन चुनी हुए कंपनियों का Qualitative analysis भी बहुत ज़रूरी है। 

कारोबार में , qualitative aspect (Moat ) एक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ के रूप में देखा जाता है। moat जितना बड़ा होगा उतना ही प्रतिस्पर्धात्मक लाभ कंपनी को होगा और उतना ही स्थिर कंपनी का कारोबार होगा। 

जिस का मतलब यह है कि उस कंपनी के कारोबार को विस्थापित करना और उस के मार्किट शेयर पर कब्ज़ा करना उतना ही मुश्किल होगा। 

उदारण के लिए - Apple कंपनी एक बहुत बड़ा brand है , उस के उत्पादों की बहुत मांग भी है मार्किट में जो इस कंपनी को बहुत बड़ा प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रधान करती है जो दूसरी कंपनियों के लिए बाधा बनती है उसी सेक्टर में कामयाब होने के लिए।  

इस में कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए कि एप्पल कंपनी के निवेशकों ने साल दर साल बहुत बड़ा मुनाफा कमाया है। 

इसी तरह और भी बहुत सारे बड़े और अच्छे brands है जिन्होंने निवेशकों को बहुत सारा मुनाफा कमा कर दिया है जैसे - HUL , Titan , Reliance आदि। 

इसी लिए आप को ऐसी कंपनियों का चुनाव करना चाहिए जिन का बड़ा moat हो और जिस के कारन उन कंपनियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ भी मिल रहा हो। 


4  ऐसी कंपनियों को ही चुने जिन पर कोई क़र्ज़ न हो या अगर क़र्ज़ हो तो बहुत कम हो। 

बड़ा क़र्ज़ कंपनी के भवष्य को जोखिम में डाल सकता है। स्टेप-1 में जो हम ने अच्छे शेयर्स को चुनने के लिए सिलेक्शन criteria लगाया था उस में Debt to equity ratio और current ratio थे जो कि ऐसी कंपनियों का चुनाव करने के लिए लिए गए थे जिन पर क़र्ज़ कम हो या न हो। 

अगर आप इन दो फाइनेंसियल ratios को छोड़ कर अपने शेयर्स का चुनाव कर रहे है तो आप ये पता लगाए कि ये कम्पनिया पिछले कुछ सालो से अपने क़र्ज़ का भुक्तान कैसे कर रही है। और अगर आपकी चुनी हुए कंपनी पिछले कुछ सालो से अपने क़र्ज़ का भुक्तान अच्छे से कर रही है और उन का क़र्ज़ भी साल दर साल कम हो रहा है को यह एक अच्छा और सकारातमक संकेत है कंपनी के वित्तीय स्वस्थ के लिए। 

कंपनियों के वित्तीय हालत की जाँच के लिए सरल उपाए 

एक तरीका तो यह है कि कंपनी की balance sheet को चेक करो जिस में current Liabilities और long term debt होता है। Long term debt 1 साल से जयादा समय में mature होता है और current Liabilities किसी कंपनी का ऐसा क़र्ज़ होता है जो उसी साल के अंदर-अंदर चुकाना होता है। 

जिन कंपनियों का बहुत बड़ा Long term debt होता है उन कंपनियों के लिए अपने क़र्ज़ का भुक्तान करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है क्यों की उन की कमाई का जयतर हिसा क़र्ज़ के interest को चुकाने में चला जाता है और उन के लिए कमाई को दूसरे खर्चो में इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। 

इस तरह कंपनी की स्थिरता खतरे में आ जाती है और उस कंपनी को दिवालिया भी होना पड़ सकता है। 

किसी कंपनी पर कितना क़र्ज़ है इस को जाँचने का दूसरा तरीका यह है कि उस की Long term debt ratio की जाँच करना। 

Long term debt ratio को जांचने का आसान सा formula है जो निचे दिया गया है। 

Formula --> Long-term Debt Ratio = Long-term Debt / Total Assets

अगर Long term debt ratio की वैल्यू 1 से जयादा आती है तो इस का मतलब यह है कि कंपनी का क़र्ज़ उस के total assets से जयादा है जो कि बहुत खतरनाक है। इस तरह यह कंपनी बहुत जोखिम में है और अपने वित्तीय दायित्वों को पूरा नहीं कर सकती। 

साधारण तोर पर आप को ऐसे कंपनियों का चुनाव करना चाहिए जिन का Long term debt ratio 0.5 से कम हो और जिस का मतलब यह है कि कंपनी का क़र्ज़ कम है। 


5 सही शेयर का चुनाव करने के लिए ROE (return on equity ) ओर ROCE (Return on capital employed ) को जरूर देखे। 

ROE (return on equity ) किसी कंपनी की आय का वर्णन करता है परसेंटेज में क्योकि यह शेयर धारको को लौटाया जाता है मूल्ये के रूप में।

यह तरीका निवेशकों को कंपनी का मुनाफा मापने में सहायता करता है और कंपनी की कार्यक्षमता की गणना करने में भी सहायता करता है जिस के बल पर कंपनी अपना मुनाफा कमाती है shareholders के निवेश किये हुए पैसो पर।  

ROCE (Return on capital employed ) एक मुख्य मापदंड है यह मापने का कि कोई कंपनी कितनी कुशलता से अपनी सारी कैपिटल मुनाफा कमाने के लिए लगाती है। 

इन दोनों financial ratios को यह समझने के लिए एक साथ रखा गया है कि 

- कोई कंपनी निवेश के लिहाज़ से कितनी फ़ायदेमत है  

- कितनी कुशलता से यह कंपनी अपने संसाधनों का उपयोग करती है 

किसी कंपनी का उच्च ROE और ROCE बताता है कि भविष्य में इस कंपनी के बढ़ते रहने कि कितनी सम्भावना है। 

जो कम्पनिया की ये दोनों ratios 20 % या उस से जयादा होती है पिछले 5 सालो में , वो कम्पनिया हमेशा प्रीमियम वैल्यूएशन पर बिकती है शेयर मार्किट में।   

इस लिए अच्छे शेयर्स का चुनाव करते समय इन दोनों ratios का भी ध्यान रखे। 


6 कंपनी में सक्षम प्रबंधन हो , ईमानदारी हो ओर पारदर्शिता हो। 

धोखादड़ी प्रबंधन की वजह से कुछ लोग शेयर मार्किट पर विश्वास नहीं करते अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने के लिए। अतीत में ऐसे बहुत सरे मामले हुए है जिन में बहुत साडी कंपनियों के प्रबंधन ने गलत सौदे किये , accounts में धोखाधड़ी की , शेयर धारको और SEBI को गुमराह किया और निवेशकों को बहुत नुकसान पहुंचाया। 

जिस का एक प्रसिद्ध उदारण है रामलिंगा राजू जो Satyam कंपनी के चेयरमैन और CEO थे। 

इस लिए यह बहुत जरुरी हो जाता है की जिस कंपनी में आप निवेश करे उस का प्रबंधन सक्षम हो , ईमानदारी हो ओर पारदर्शिता हो।  एक कंपनी के प्रबंधन में उस का CEO / MD , CFO और दूसरे लोग होते है। 

सक्षम , ईमानदारी ओर पारदर्शी प्रबंधन वाली कंपनी ही शेयर धारको को बड़ी सम्पति बना कर दे सकती है। 

आईये जानते है ऐसे कोण से तरीके है जिस से हम ये जान सकते है कि किसी कंपनी का प्रबंधन अच्छा है या नहीं। 


1 इस बात की खोज करना कि कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है या नहीं और उस ने कोई धोखादड़ी तो नहीं की 

गूगल पर search कर के पता करे कि कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ कोई धोखादड़ी का मामला तो नहीं दर्ज है और उस कंपनी के प्रबंधन का पुराना रिकॉर्ड जैसे experience और qualification भी जाँच करे। 


2  कंपनी कि annual report भी पढ़े। 

किसी कंपनी की एनुअल रिपोर्ट में उस के बारे में पूरी जानकारी होती है जिस से आप को कंपनी के बारे में और उस के प्रबंधन के बारे में सब कुछ पता चल जाता है। किसी कंपनी की एनुअल रिपोर्ट पढ़ने से आप को उस के प्रबंधन के विश्लेषण , उस की रणनीति और भविष्य को ले कर उस की समझ का पता चलता है। 

बेशक किसी कंपनी की एनुअल रिपोर्ट में सब कुछ बहुत अच्छा दीखता है क्यों कि ये एनुअल रिपोर्ट कंपनी का CEO बनता है शेयर होल्डर्स को लुभाने के लिए। पर आप को अनुभव से यह पता चल जायेगा कि कौन सा डाटा वास्तिविक है और कौन सा डाटा गलत है। 

आप किसी कंपनी कि एनुअल रिपोर्ट उस की वेबसाइट से फ्री डाउनलोड कर सकते है। 


3  कंपनी के promoters का शेयर होल्डिंग पैटर्न चेक करे। 

जितना जयादा promoters का शेयर होल्डिंग किसी कंपनी में होता है उतना जयादा ही सकारात्मक संकेत उस कंपनी का शेयर बाजार में जाता है। promoters के शेयर होल्डिंग में हर साल या हर क्वाटर में परिवर्तन भी हो सकता है। 

इस लिए अगर promoters कंपनी में अपना शेयर धीरे - धीरे लगातार बड़ा रहे है तो इस का मतलब यह है कि उन का कंपनी के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। और फिर यह कंपनी निवेश करने के लिए अच्छा विकल्प बन जाती है। 


7 शेयर को उस की सही कीमत पर ही ख़रीदे।  

अगर आप इस स्टेप तक पहुंच गए है तो आप ने निश्चित ही अचे शेयर्स का चुनाव कर लिया है निवेश करने के लिए। अब बस एक ही प्रश्न बाकी रह जाता है कि किसी शेयर को खरीदने का सही दाम क्या है। 

अब मई आप को यह बताता हु कि Warren Buffett ने शेयर के दाम के बारे में क्या कहा है - "दाम वही है जिस का आप भुक्तान करते है, और value वही है जो आप को मिलती है "

अधिकतम मूल्यवान कंपनी का चुनाव कर के उस में निवेश करे न्यूनतम मूल्य का भुक्तान कर के। 

कोई कंपनी कितनी भी अच्छी क्यों न हो , अगर आप उसे स्थिर मूल्य पर खरीदते है और भविष्य में उस शेयर का दाम उमीदो के अनुसार नहीं बढ़ता तो आप पैसा खो भी सकते है। 

किसी शेयर को उस की सही कीमत पर खरीदने से आप भविष्य में उस में होने वाले उतार चढ़ाव या जोखिम से बच सकते है। यह सही मुल्ये अक्सर उस कंपनी की असल कीमत (Book value ) से भी कम होता है।  

जब कोई शेयर बड़ी छूट की साथ उस की असल कीमत से कम में मिल रहा हो तो उसे तुंरत खरीद लेना चाहिए। 

इस हिसाब से आप शेयर्स को बहुत सस्ते में खरीद कर उस की भविष्य में बढ़ने की सम्भावनाओ को बड़ा रहे है। 

आईये अब मई आप को किसी कंपनी की असल कीमत (intrinsic value ) निकलने का तरीका या फार्मूला बताता हु। 

मै यह नहीं कहता की यह फार्मूला एक दम सही वैल्यू बताता है पर नए निवेशकों की लिए यह बहुत अच्छा है किसी कंपनी की उचित कीमत निकलने की लिए। 

फार्मूला इस प्रकार है -

Intrinsic Value = EPS (Earning per share) * (8.5 + 1 * (Expected annual growth rate))

अब अगर कोई अच्छा शेयर उस की उचित कीमत से महंगा मिल रहा हो तो उस की सही कीमत पर आने का इंतेज़ार करे और जब वो अपनी उचित कीमत पर मिल रहा हो तभी ख़रीदे। 

ध्यान दे - आप किसी शेयर को सिर्फ इसी फार्मूला की आधार पर ही न ख़रीदे। कृपया fundamental analysis की सहायता से उस की असल कीमत को जाँच ले और ऐसे tools भी उपलब्ध है जैसे DCF Model जिस आप असल कीमत निकल कर अपने फॉर्मूले वाली कीमत से मिला सकते है। 


शेयर का portfolio कैसे बनाये 


Portfolio बनाने के दो तरीके हो सकते है -

1.     ऐसा portfolio जिस में बहुत सारे diversified stocks हो , उधारण के लिए 15  या उस से जयादा शेयर्स। 

2. Concentrated portfolio जिस में कम शेयर्स हो , उधारण के लिए कम से कम 5  और जयादा से जयादा 12  शेयर्स। 

ऐसे बहुत से निवेशक है जो इन दोनों में से एक तरीका अपनाते है portfolio बनाने का और सफलता हासिल करते है। 

मै यह समझता हु कि आप को diversified portfolio बनाना चाहिए जिस में आप हर सेक्टर टॉप शेयर्स में निवेश करना चाहिए।  

इस के पीछे का कारन यह है कि हर समय हर सेक्टर बुल रन में नहीं होता, कुछ सेक्टर्स का बेयर फेज भी होता है।  इस लिए जब किसी सेक्टर का बेयर फेज चल रहा हु तब उस सेक्टर के अच्छे शेयर्स में धीरे -धीरे निवेश सुरु करे।

इसी प्रकार कुछ शेयर्स बहुत तेज़ी से बढ़ रहे होते है और कुछ शेयर्स बहुत तेज़ी से गिर रहे होते है।  इस तरह से कुछ शेयर्स में आप को मुनाफा हो रहा होता है और कुछ में आप को कम मुनाफा या घाटा हो रहा होता है। तो इसी मुनाफे और घाटे को संतुलित करने के लिए आप को सारे सेक्टर्स के अच्छे शेयर्स में निवेश करना चाहिए ता कि आप का overall रेतुर्न किसी भी index से जयादा हो।  

उधारण के लिए मै आप को बताना चाहता हु कि जैसे Pharma सेक्टर और Auto सेक्टर पिछले कुछ सालो से गिर रहे थे और इस साल 2020 में इन दोनों सेक्टर्स ने अच्छा रेतुर्न निवेशकों को बना कर दिया है आप देख सकते है


Portfolio में शेयर allocation कितना-कितना करे

आप को अपने portfolio में सारे शेयर्स को बराबर-बराबर कीमत पर खरीदना चाहिए।   

उधारण के लिए अगर आप को 20 शेयर्स में 1 lac निवेश करने है तो आप को हर शेयर में 5000 रूपए निवेश करने चाहिए।  ऐसा इस लिए करना चाहिए क्यों कि अगर आप ने किसी एक शेयर में जयादा निवेश कर दिया और बाकी शेयर्स में कम निवेश किया तो हो सकता है जिस शेयर में आप ने जयादा निवेश किया है वो शेयर आप के अनुसार ऊपर कि चल न दिखाए और आप को overall portfolio में घाटा हो जाये। 

इस प्रकार अगर आप हर शेयर में बराबर मात्रा में निवेश करेंगे तो आप को कभी भी overall निवेश में घाटा नहीं होगा। 


निष्कर्ष

आप को शेयर मार्किट में निवेश करने के लिए किसी degree या योग्यता कि आवशकता नहीं है। दुनिया के बहुत सारे अच्छे निवेशक है जिन के पास बहुत कि साधारण शिक्षा और योग्यता है। 

ऐसे निवेशक जो शेयर मार्किट में शुरुवात करना चाहते है वो लोग इस लेख को पढ़ कर छोटे से निवेश से शरुवात कर सकते है। एक बहुत बड़े निवेशक और लेखक Peter Lynch कहते है कि "आप को सिर्फ तीसरी कक्षा तक का mathematics आना चाहिए शेयर मार्किट में निवेश करने के लिए"

इस प्रकार इस लेख का निष्कर्ष निचे दिए गए इस साधारण formula से समझ सकते है। 

सफल निवेशक = अच्छी कंपनी का चुनाव + सही दाम पर खरीदना + लम्बे समय तक धर्ये से साथ होल्ड करना 


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धन्यवाद् 

निवेश शक्ति परिवार 

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